कोलकाता । चाय कंपनियां कोरोनावायरस और लाकडाउन को लेकर वित्तीय संकट में फंस रही हैं। केंद्र सरकार ने चाय उत्पादन करने की लाख डाउन के दौरान मंजूरी दे दी है। इसके बाद भी कामगारों के नहीं आने तथा राज्य सरकारों एवं कलेक्टर द्वारा आदेश नहीं दिए जाने से चाय उद्योग पर गहरा संकट छा गया है।
बागान से चाय की पत्ती तोड़ने और उससे संबंधित सारे काम रुके पड़े हैं। कोई उत्पादन नहीं हो पा रहा है। परिवहन सेवाएं बंद है। वेतन कर्ज अदायगी और ब्याज की देनदारी के कारण चाय कंपनियां वित्तीय संकट से भी जूझ रहे हैं। वही चाय पत्ती बागान से नहीं टूट पाने के कारण इस साल लगभग 8 करोड़ किलोग्राम चाय का  कम उत्पादन होने की संभावनाएं व्यक्त की जा रही हैं हैं।