नई दिल्ली । देशभर में कोरोना वायरस के 500 से अधिक मामले सामने आने के साथ संक्रमितों की संख्या 2,500 को पार कर गई, जबकि इनमें से 76 लोगों की मौत हो चुकी है। पिछले महीने राष्ट्रीय राजधानी का निजामुद्दीन क्षेत्र, तबलीगी जमात के एक विशाल कार्यक्रम के कारण कोरोना वायरस प्रकोप का सबसे बड़ा केंद्र बन गया है। सूत्रों के अनुसार देशभर में लगभग 9,000 लोगों की पहचान की गई है, जिनमें जमात के सदस्य और उनके संपर्कों में आए लोग शामिल हैं। इसमें जमात से जुड़े 1,306 विदेशी नागरिक शामिल हैं। इन सबको पृथक रखा है। महाराष्ट्र, तमिलनाडु, दिल्ली और तेलंगाना सहित विभिन्न राज्यों द्वारा घोषित आंकड़ों के मुताबिक, गुरुवार को कम से कम 556 पॉजिटिव मामलों का पता चला है, जिससे देश में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की कुल संख्या 2,507 तक पहुंच गई। आज दिनभर में कम से कम 17 और मौतें हुईं। बताया जा रहा है कि नए मामलों में इतनी बड़ी बढ़ोतरी दिल्ली के निजामुद्दीन में जमात के कार्यक्रम की वजह से हुई है। 

सरकार ने दिए आंकड़े
बहरहाल, केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि देश में कोरोना वायरस के कुल 2,069 मामले हैं और 53 लोगों की मौत हुई है। संक्रमितों में 55 विदेशी नागरिक शामिल हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा कि कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए देश भर में तबलीगी जमात के सदस्यों और उनके संपर्क में आए करीब 9000 लोगों को अब तक पृथक रखा गया है। मंत्रालय में संयुक्त सचिव पुण्य सलिल श्रीवास्तव ने नियमित संवाददाता सम्मेलन में बताया कि दिल्ली में तबलीगी जमात के ऐसे करीब 2000 सदस्यों में से 1804 को पृथक (क्वारंटीन) केंद्रों में भेज दिया गया है जबकि लक्षण वाले 334 सदस्यों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।पिछले कुछ दिनों में देश में कोरोना वायरस से संक्रमण एवं मौत के मामलों में वृद्धि होने के बीच प्रधानमंत्री ने राज्यों के मुख्यमंत्रियों से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए संवाद में कहा कि इससे निपटने के लिए युद्ध स्तर पर काम करना, वायरस के संक्रमण से ज्यादा प्रभावित क्षेत्र (हॉटस्पॉट) की पहचान करना एवं उन्हें घेरे में लेना और वायरस को फैलने से रोकना अत्‍यंत आवश्‍यक है। पीएम मोदी ने कहा कि राज्यों और केंद्र को 'लॉकडाउन समाप्त होने के बाद फिर से सड़कों पर लोगों की आवाजाही क्रमबद्ध ढंग से सुनिश्चित करने के बारे में साझा रणनीति अवश्‍य तैयार करनी चाहिए। उन्होंने राज्यों से विचार-मंथन करने और इस रणनीति के बारे में सुझाव भेजने को कहा। उन्होंने कोविड-19 को फैलने से रोकने के लिए सामाजिक दूरी बनाए रखने के महत्व को भी दोहराया। उन्होंने मुख्यमंत्रियों से राज्य, जिला, शहर एवं ब्लॉक स्तरों पर विभिन्‍न समुदायों के प्रमुखों एवं समाज कल्याण संगठनों, सभी सम्प्रदाय के धर्मगुरुओं से संपर्क करने की अपील की, ताकि महामारी के खिलाफ लड़ाई में सामुदायिक-दृष्टिकोण के आधार पर एकजुट मोर्चा बनाया जा सके। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि देश में कोरोना वायरस के लगभग 400 ऐसे मामलों का पता चला है कि जिनका संबंध तबलीगी जमात के इज्तिमे (धार्मिक कार्यक्रम) से हो सकता है। मंत्रालय ने संकेत दिया है कि वायरस की जांच और इससे संक्रमित लोगों का पता लगाने का काम तेज कर दिया है, लिहाजा संक्रमण के मामले बढ़ सकते हैं। केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सभी मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्रवाई करने के लिए कहा। भल्ला ने कहा कि इन कानूनों का उल्लंघन करने वालों को दो साल तक की जेल की सजा और जुर्माना हो सकता है। सरकार ने कहा कि भारत में 15 अप्रैल को लॉकडाउन खत्म होने के बाद हालात के आधार पर अंतरराष्ट्रीय उड़ाने बहाल करने पर विचार होगा। यह इस पर भी निर्भर करेगा कि उड़ानें किस देश से आ रही हैं।