अहमदाबाद | मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने आज बनासकांठा के थराद में 36 करोड़ के खर्च से नवनिर्मित कृषि महाविद्यालय और 635 करोड़ के खर्च से किसानों के लिए कार्यान्वित बहुउद्देश्यीय थराद- सीपु योजना का शुभारम्भ करवाया। 
रेगिस्तानी तट के किसानों को मिलने वाले नर्मदा के नीर का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि थराद- सीपु बहुउद्देश्यीय योजना से इस क्षेत्र के 106 गांवों के 39 तालाब भर जाने से 6 हजार हेक्टेयर से भी ज्यादा जमीन पर बुवाई का लाभ मिलेगा और वह नवपल्लवित बनेगी। जिले की दो महत्वाकांक्षी योजनाओं का लोकार्पण होने से किसानों के कृषि ज्ञान- विज्ञान को नयी दिशा मिलेगी। रूपाणी ने कहा कि भूतकाल के कांग्रेस शासन में किसानों की अवगणना होने के कारण किसान आत्महत्या की ओर प्रेरित हुए थे। परंतु राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री और वर्तमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दूरदर्शी निर्णय लेते हुए कृषि महोत्सव द्वारा किसानों की आय दोगुनी करने का प्रयास शुरु किया। पानी और बिजली समय पर मिले और किसान सामर्थ्यवान बने, इसके लिए राज्य सरकार सिंचाई और ऊर्जा को प्राथमिकता दे रही है। सरकार ने अकाल को भूतकाल बनाने का भगीरथी कार्य हाथ में लिया है। कृषि कल्याण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि किसानों को रातों में जागरण ना करना पड़े, इसे ध्यान में रखकर सरकार ने किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध करवाने की व्यवस्था की है। इसके लिए सोलर पैनल में सहायता और नये ट्रांसफार्मर खरीदने सहित अनेक कार्य शुरु किए हैं। 
पानी को विकास की पूर्व शर्त बतलाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों, पशुपालकों, उद्योगपतियों और किसानों को ज्यादा पानी की आवश्यकता होती है, इसलिए पानी का उपयोग पारसमणि की तरह किया जाना चाहिए। दुर्गम इलाकों को सुजलाम सुफलाम, कसरा-दांतीवाड़ा और थराद-सीपु की इन तीन महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ मिलने से किसानों की समृद्धि बढ़ेगी। राज्य की यह सरकार हमेशा किसानों के साथ खड़ी है। बाढ़ की आपदा के समय 1500 करोड़ की सहायता प्रदान कर बनासकांठा जिले को फिर से खड़ा करने का काम किया है। बेमौसम बरसात के समय भी 100 करोड़ का पैकेज गुजरात सरकार ने प्रदान किया था और अकालग्रस्त तहसीलों में किसानों को 13 हजार करोड़ की सहायता प्रदान की थी। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में किसानों को 6000 रुपए की सहायता और 9300 करोड़ की खरीद समर्थन मूल्य पर करके किसानों को समृद्ध बनाने का प्रयास राज्य सरकार ने किया है।
थराद में सरदार कृषि युनिवर्सिटी- दांतीवाड़ा के अंतर्गत थराद में नवनिर्मित कृषि महाविद्यालय के लोकार्पण पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संकुल के निर्माण से आसपास के क्षेत्रों के किसानों को कृषिलक्ष्यी मार्गदर्शन घर बैठे उपलब्ध हो सकेगा। कृषि संलग्न शिक्षा, संशोधन, विस्तरण और नवीन पद्धत्तियों का लाभ भी मिल सकेगा। 
इस अवसर पर सांसद परबतभाई पटेल ने भी अपने विचार व्यक्त किए। सरदार कृषि युनिवर्सिटी के कुलपति श्री आरके. पटेल ने स्वागत सम्बोधन किया। मुख्यमंत्री ने कृषि प्रदर्शनी का भी शुभारम्भ किया। इस लोकार्पण पर विधायक शशिकांत पंड्या, कीर्तिसिंह वाघेला, आणंद कृषि युनिवर्सिटी के कुलपति व्यास, कलक्टर सन्दीप सांगले, अजय गदिया, केशाजी चौहाण, हरजीवनभाई पटेल सहित कई महानुभाव, जनप्रतिनिधि, कृषि विशेषज्ञ विद्यार्थी और किसान भारी संख्या में उपस्थित थे।