अहमदाबाद | मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने आज बनासकांठा- दियोदर तहसील के सणादर में बनास डेयरी के दैनिक 30 लाख लीटर प्रॉसेसिंग प्लांट का भूमिपूजन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने डेयरी का नया प्लांट स्थापित करने के लिए बनास डेयरी को अभिनन्दन देते हुए कहा कि देश में श्वेतक्रांति लाने में बनास डेयरी का योगदान महत्वपूर्ण है। हमारी संस्कृति में गाय, गंगा, गीता का विशेष महत्व है। संस्कृति को समर्पित यह सरकार पशुपालन और डेयरी उद्योग के विकास के लिए सक्रियता से संकल्पबद्ध है। बनासकांठा जिले को सुखी और समृद्ध बनाने के लिए स्व. गलबा काका ने रेगिस्तान में बगिया समान बनास डेयरी की स्थापना कर बड़ी लोकसेवा का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि बनासकांठा के पश्चिमी क्षेत्र में 30 लाख लीटर क्षमता वाले नये प्लांट की स्थापना के लिए बनास डेयरी के निदेशक मंडल को शुभकामनाएं देता हूं। इस प्लांट से इस क्षेत्र की कायापलट तेजी से होगी। दूध के साथ ही आलु और अनार का प्रॉसेसिंग भी यहीं से होगा। हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पांच ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के संकल्प को साकार करने के लिए पशुपालन और कृषि उद्योग बहुत महत्वपूर्ण योगदान देंगे। रूपाणी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अंतरराष्ट्रीय करार RCEP कानून पर हस्ताक्षर नहीं करके पशुपालकों के हित में फैसला लिया था। पशुपालकों की ओर से मैं उनका आभार व्यक्त करता हूं। पशुपालन और डेयरी उद्योग के विकास के लिए सरकार पशुपालकों को भी अपना मानकर तमाम प्रकार की सहायता प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बनासकांठा जिले के विकास के लिए सरकार सक्रिय और संकल्पबद्ध है। बनासकांठा के लिए मुझे विशेष स्नेह है। वर्ष 2017 में यहां आई बाढ़ के समय इस जिले में रहा हूं। इस जिले की जनता की भावना और जोश मुझे सदैव आकर्षित करते हैं। शिक्षा, कृषि, सिंचाई सहित तमाम क्षेत्रों में बनासकांठा अग्रसर रहे, इसके लिए सरकार अग्रसर है। किसान सुखी तो गांव सुखी हमारा मंत्र है। किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। सरकार हर हाथ को काम और हर खेत को पानी सिद्धांत पर चलती रहेगी। 
बनासकांठा के सांसद परबतभाई पटेल, बनास डेयरी के चेयरमैन शंकरभाई चौधरी ने भी इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री ने खुले रथ में पशुपालकों का अभिवादन स्वीकार किया, पशुपालकों ने पुष्पवर्षा कर मुख्यमंत्री का शानदार स्वागत किया। कार्यक्रम में, शशिकांत पंड्या, कीर्तिसिंह वाघेला, नथाभाई पटेल, बनास डेयरी के वाइस चेयरमैन मावजीभाई देसाई, GCMMF के चेयरमैन रामसिंहभाई परमार, गुजरात वेर हाउसिंग कॉर्पोरेशन के चेयरमैन मगनलाल माळी, बनास बैंक के चेयरमैन एम.एल. चौधरी, सुमूल के चेयरमैन राजुभाई पाठक, पूर्व मंत्री केशाजी चौहाण, हरजीवनभाई पटेल, अग्रणी शंकरसिंह राणा, अल्पेशभाई ठाकोर, हितेशभाई चौधरी, दलसंगभाई पटेल सहित बनास डेयरी के निदेशक मंडल सदस्य, सहकारी अग्रणी और भारी संख्या में पशुपालक उपस्थित थे।