अब अपने बच्चे को जन्म से ही अमेरिकी नागरिक बनाने की कोशिश मां-बाप को भारी पड़ेगी। ट्रंप प्रशासन ने ‘बर्थ टूरिज्म’ पर रोक लगाने वाले नए वीजा प्रतिबंध तय कर दिए हैं। इन वीजा प्रतिबंध कानूनों को बृहस्पतिवार को सार्वजनिक किए जाने की योजना है। बता दें कि दुनिया में बहुत सारी गर्भवती महिलाएं महज इस कारण अपने बच्चे की डिलीवरी अमेरिका आकर कराती थीं, ताकि उनके बच्चे को अमेरिकी धरती पर जन्म लेने के कारण वहां की नागरिकता मिल जाए। अमेरिकी संविधान के तहत वहां जन्म लेने वाले किसी भी बच्चे को नागरिकता का अधिकार स्वत: ही मिल जाता है। लेकिन नये वीजा नियमों के बाद बच्चे को इस तरह नागरिकता दिलाना संभव नहीं होगा। नई वीजा योजना से जुड़े दो अधिकारियों ने बताया कि नए नियमों के बाद गर्भवती महिला के लिए अमेरिका आने का पर्यटन वीजा हासिल करना बेहद मुश्किल हो जाएगा। नए नियमों के मसौदे के मुताबिक, ऐसी महिलाओं के लिए वीजा हासिल करने की राह में एक अतिरिक्त बाधा जोड़ दी गई है। उन्हें काउंसलर अधिकारी को अमेरिका आने का कोई अन्य वैध कारण बताकर संतुष्ट करना होगा। दरअसल अमेरिकी प्रशासन आव्रजन के सभी रूपों को प्रतिबंधित कर रहा है, लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खासतौर पर जन्मसिद्ध नागरिकता के अधिकार के खिलाफ मुखर रहे हैं। वह इसे बंद करने की धमकी देते रहे हैं। हालांकि विद्वानों और प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यह इतना आसान नहीं होगा।


अरबों रुपये का है ‘बर्थ टूरिज्म’ का धंधा
अमेरिका व अन्य विदेशों में बर्थ टूरिज्म अरबों रुपये के मुनाफे वाला धंधा हे। अमेरिकी कंपनियों इसके लिए बाकायदा विज्ञापन देकर उपभोक्ता तलाशती हैं और अमेरिका में डिलीवरी, मेडिकल केयर, होटल के कमरे आदि की सुविधाएं दिलाने के बदले 80 हजार डॉलर (करीब 57 लाख रुपये) तक का खर्च वसूलती हैं।सेंटर फॉर इमिग्रेशन स्टडीज के मुताबिक, अकेले 2012 में ही 36 हजार से ज्यादा विदेशी महिलाओं ने अमेरिका में बच्चों को जन्म दिया था। खासतौर पर रूस और चीन से बड़ी संख्या में महिलाएं अपने बच्चों को जन्म देने के लिए अमेरिका पहुंचती हैं। हालांकि अमेरिकी प्रशासन ट्रंप के राष्ट्रपति बनने से पहले से ही इस धंधे को खत्म करने की कोशिश कर रहा है।