अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) और जामिया विश्वविद्यालय दिल्ली में जो विरोध कर रहे हैं वह सब राजनीति के तहत हो रहा है। जेएनयू और जामिया में मिलाकर जितने छात्र पढ़ते हैं उससे ज्यादा तो यहां मेरठ कॉलेज में सीएए के पक्ष में बैठ चुके हैं। यह बात केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान ने जनसभा को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की तरफ देखते हुए कहा कि आप ही कुछ कर सकते हैं। पश्चिम के छात्रों को 10 फीसदी रिजर्वेशन दिलवा दीजिए, जामिया-एएमयू का इलाज कर देंगे।  

 

पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन मंत्री डॉ. बालियान ने कहा कि पाकिस्तान से जो शरणार्थी यहां आए हुए हैं उनमें हमारे यहां आठ परिवार हैं। नागरिकता संशोधन कानून के पास होने से पहले मुझे भी इस बारे में ज्यादा अंदाजा नहीं था। लेकिन इसके बाद जब परिवारों के मुखिया से बात हुई तो सच सामने आया। एक परिवार के मुखिया ने बताया कि किस तरह से पाकिस्तान में हिंदू अल्पसंख्यकों की बेटियों-बहनों को जबरन उठाकर ले जाते हैं। ऐसा जुल्म सहने वालों को अगर नागरिकता दी जा रही है तो इसका भी विरोध हो रहा है।

षड्यंत्र के तहत हाथों में दिए पत्थर
उत्तर प्रदेश के गन्ना मंत्री सुरेश राणा ने कहा कि मोदी जी ने अच्छा काम किया है जो इन लोगों को रास नहीं आ रहा है। भारत तेरे टुकड़े-टुकड़े करने वाले सुधर जाएं तो देश के सामने कोई नहीं टिक पाएगा। उन्होंने कहा कि सीएए का विरोध करने वालों से जब मीडिया ने सवाल किए तो उनके जवाब कैसे थे। कोई कह रहा था कि हमें ट्रैक्टर के कागज दिखाने पड़ेंगे। किसी को उसके बारे में कुछ पता ही नहीं था। षड्यंत्र के तहत लोगों के हाथों में पत्थर दिए गए। उन्होंने लोगों से पूछा कि उपद्रवियों के घर कौन गया। यह टुकड़ा-टुकड़ा गैंग देश को बांटने में लगा है।
 
जिन्ना के नाम पर भी राजनीति
उत्तर प्रदेश के राज्यमंत्री अतुल गर्ग ने बंटवारे के वक्त का जिक्र करते हुए कहा कि जिन्ना जैसे राक्षस को कुछ लोग अच्छा नेता बताते हैं। जिस व्यक्ति ने देश का सर्वनाश कर दिया उसके नाम पर भी राजनीति की जाती है। उन्होंने कहा कि जामिया-एएमयू में सांप्रदायिकता के नारे लगते हैं। इनका इलाज होना चाहिए।