​भोपाल.क्या कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री बिसाहू लाल सिंह (Bisahulal singh) गरीबों के हक का राशन (bpl ration) खा रहे हैं ? ये सवाल इसलिए खड़ा हो रहा है क्योंकि एक आरटीआई के ज़रिए ये जानकारी सामने आई है. उसके मुताबिक बिसाहूलाल सिंह (Bisahulal singh) और उनके परिवार ने अन्नपूर्णा योजना के तहत बीपीएल परिवारों (bpl family) को एक रुपए प्रति किलो के हिसाब से मिलने वाला गेहूं और चावल बिसाहूलाल सिंह (Bisahulal singh) के परिवार ने लिया है.
आरटीआई के ज़रिए जो जानकारी सामने आयी उसके मुताबिक, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बिसाहूलाल सिंह के नाम पर गरीबों का राशन लेने का ये सिलसिला 2013 से चल रहा था. इसी साल जुलाई और सितंबर में भी उनके नाम पर बने राशन कार्ड से राशन लिया गया है. हालांकि इस बारे में जब न्यूज़ 18 ने बिसाहूलाल से बात की तो उन्होंने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया. बिसाहूलाल की मानें तो उनका परिवार आर्थिक रूप से सक्षम है. उन्होंने ग़रीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों के हिस्से का राशन कभी नहीं लिया. बिसाहूलाल ने इसे मंत्रिमंडल विस्तार की संभावना से पहले उन्हें बदनाम करने की साज़िश करार दिया
अब तक क्यों थे चुप
बिसाहूलाल की मानें तो उन्होंने,इस संबंध में अनूपपुर जिले के कलेक्टर से शिकायत की है. हालांकि उनके नाम पर इतने साल से राशन लिया जा रहा था. इस पर उन्होंने कोई एक्शन क्यों नहीं लिया, ये सवाल बरकरार है.
इनकम टैक्स देते हैं बिसाहूलाल
बिसाहूलाल सिंह,अनूपपुर से कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक हैं. वो मंत्री भी रह चुके हैं. 2018-2019 में चुनाव आयोग को दिए अपने हलफनामे के मुताबिक उनकी सालाना आय 5 लाख 35 हजार 950 रुपए थी.अनूपपुर में उनका एक होटल और पेट्रोल पंप है. बैंक में करीब 25 लाख रुपए कैश हैं और 23 हेक्टेयर कृषि भूमि भी उनके पास है. बिसाहूलाल और उनकी पत्नी के नाम पर अनूपपुर में 4 मकान भी हैं.
बीजेपी ने उठाई जांच की मांग
बीजेपी ने इस मामले में जांच की मांग की है. पूर्व राज्य मंत्री उमा शंकर गुप्ता की मानें तो ये हैरान करने वाला है. इतने साल तक कोई बिसाहूलाल के नाम पर राशन लेता रहा और उन्हें ख़बर नहीं लगी. बीजेपी ने दोषी अधिकारियों पर भी कार्रवाई की मांग की है.