भोपाल. भोपाल के प्रभारी मंत्री गोविंद सिंह (Govind singh) ने शहर के कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनने के लिए जिला कांग्रेस की बैठक बुलाई थी. लेकिन बैठक में भोपाल मेट्रो (Bhopal Metro) का नाम भोज मेट्रो (Bhoj Metro) करने को लेकर नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष मोहम्मद सगीर ने आपत्ति जताई. जबकि कांग्रेस नेता आसिफ जकी ने इसे सीएम कमलनाथ (CM Kamalnath) का फैसला बताते हुए मुद्दा नहीं उठाने की सलाह दी. इस पर बैठक में जमकर हंगामा हो गया और मोहम्मद सगीर और आसिफ जकी के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए. हंगामा इतना हुआ कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं की एक दूसरे के साथ जमकर हाथापाई हुई.

बैठक छोड़कर बाहर आ गए मंत्री

भोपाल के प्रभारी मंत्री गोविंद सिंह और मंत्री पीसी शर्मा की मौजूदगी में हुए हंगामे के कारण दोनों मंत्री बैठक बीच में छोड़कर बाहर आ गये. इससे पहले बैठक में मोहम्मद सगीर समेत कुछ नेताओं ने भोपाल मेट्रो का नाम भोज मेट्रो रखे जाने पर आपत्ति जताई, तो वहीं दूसरे कांग्रेस नेताओं ने इस सीएम कमलनाथ का फैसला बताते हुए मुद्दे पर अब चर्चा नहीं करने की सलाह दी. लेकिन मामला यहीं नही थमा और कार्यकर्ताओं के बीच जमकर बहस के बाद हाथापाई हो गई


सुनवाई नहीं होने का आरोप

बैठक में कार्यकर्ताओं ने मंत्रियों का कार्यकर्ताओं की सुनवाई नहीं करने और कार्यकर्ताओं के काम नहीं करने का आरोप लगाया. कार्यकर्ताओं ने पुलिसिया सिस्टम पर सवाल उठाते हुए जुआ और सट्टा बीजेपी शासन से ज्यादा फैलने का आरोप भी लगाया. कार्यकर्ताओं ने मंत्रियों के द्वारा उनके कामों के लिए परेशान करने का आरोप भी लगाया. बैठक में भोपाल शहर को दो नगर निगमों में विभाजित करने का भी प्रस्ताव पारित किया गया. कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शहर में दो नगर निगम का गठन कर पार्टी कार्यकर्ताओं को चुनाव में तवज्जो देने की मांग रखी. बैठक में पुलिस अफसरों के द्वारा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को प्रताड़ितकरने का भी मुद्दा गूंजा.

कार्यकर्ताओं से वन टू वन चर्चा करेंगे

जिला कांग्रेस की बैठक में हुए हंगामे पर मंत्री गोविंद सिंह ने कहा है कि हाल में जगह कम होने के कारण सभी कार्यकर्ताओं की बात को नहीं सुना जा सका. लेकिन कार्यकर्ताओं की नाराजगी दूर करने के लिए उनसे अलग से समय देकर वन टू वन चर्चा की जाएगी. मंत्री गोविंद सिंह ने कार्यकर्ताओं के आपस में भिड़ने के सवाल पर कहा है कि जगह नहीं होने के कारण इस तरह के हालात बने.