नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) से आर्टिकल 370 (Article 370) को निष्प्रभावी किए जाने के बाद से ही राज्य को लेकर तमाम अफवाहें फैलाई जा रही हैं. हालांकि, बकरीद के मौके पर कश्मीर समेत कई इलाकों में हालात सामान्य रहे. वहीं, कांग्रेस (Congress) के नेता लगातार ऐसे बयान दे रहे हैं, जिससे कश्मीर का माहौल बिगड़ सकता है. इन सबके बीच कांग्रेस नेता आनंद शर्मा (Anand Sharma) ने मंगलवार को केंद्र सरकार से 3 मांगें की हैं. आनंद शर्मा ने मांग की है कि केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर में लगी पाबंदी को जल्द से जल्द हटाए, ताकि वहां की जनता को तकलीफ़ ना हो. उन्होंने मांग करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर में नज़रबंद सीनियर नेताओं को जल्द से जल्द छोड़ा जाए. 

आनंद शर्मा ने इसके साथ ही केंद्र सरकार से राजनीतिक संवाद कायम करने के लिए ऑल पार्टी डेलीगेशन जम्मू-कश्मीर भेजे जाने की मांग की. उन्होंने कहा कि ऑल पार्टी डेलीगेशन वहां की जनता से संवाद कर दुनिया को बताएगा कि जो भी भ्रम कश्मीर के हालात को लेकर फैलाया जा रहा है, वो ग़लत है. आनंद शर्मा ने कहा कि सरकार एक समूह को वहां जाने दे ताकि वहां के हालात को समझा जा सके. साथ ही, पूर्व मुख्यमंत्रियों समेत जो नेता गिरफ्त में हैं, उन्हें आजाद किया जाए.

 


आनंद शर्मा ने जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि राज्यपाल ने राहुल गांधी को अपने पर्सनल प्लेन से कश्मीर आकर हालात देखने का संदेश दिया था. राहुल गांधी ने उनको बता दिया है कि वो ऑल पार्टी डेलीगेशन बुलाएं, हम आने को तैयार हैं.


उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर की स्थिति के बारे में चिंता स्वाभाविक है. शासन-प्रशासन की तरफ से पूरी नाकाबंदी है. न्यूज और संचार की पहुंच नहीं है, इसलिए कई तरह के प्रश्न उठे हैं. सरकार को हमारी सलाह है कि वो विपक्ष के नेताओं को वहां जाने दें. गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने सोमवार को राहुल गांधी को निमंत्रण दिया था कि अगर राहुल कश्मीर आना चाहते हैं तो, वह पर्सनल प्लेन की व्यवस्था कर देंगे. इस पर आनंद शर्मा ने जवाब देते हुए कहा कि राहुल गांधी या किसी भी नेता को विशेष सुविधा की जरूरत नहीं है और उन्हें राज्यपाल से कोई एयरक्राफ्ट नहीं चाहिए. बस उन्हें वहां जाने की छूट दी जाए.