पणजी: बीजेपी की गोवा इकाई के प्रमुख विनय तेंदुलकर ने बुधवार को दावा किया कि राज्य में कांग्रेस के दस विधायकों ने बीते एक पखवाड़े में भगवा दल में शामिल होने की इच्छा जाहिर की है. उन्होंने कहा कि बीजेपी ने हालांकि यह प्रस्ताव स्वीकार करने से इंकार कर दिया क्योंकि विधानसभा में उसके पास पर्याप्त बहुमत है और मौजूदा सरकार अपने सहयोगी दलों की मदद से अपना कार्यकाल पूरा करेगी. गोवा कांग्रेस के प्रमुख गिरीश चोडणकर ने हालांकि भाजपा नेता के इस दावे पर प्रतिक्रिया व्यक्त करने से इंकार कर दिया.

तेंदुलकर का बयान ऐसे समय में सामने आया है जब चोडणकर ने बीजेपी पर आरोप लगाया है कि वह उनके विधायकों को भगवा दल में शामिल होने के लिए करोड़ों रुपये देने की पेशकश कर रही है. तेंदुलकर इस आरोप को खारिज कर चुके हैं. गोवा की 40 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के 17 और कांग्रेस के 15 विधायक हैं. गोवा फॉरवर्ड पार्टी के (जीएफपी) के तीन, तीन निर्दलीय और राकांपा व महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी का एक-एक विधायक है. जीएफपी विधायक और निर्दलीय विधायक भाजपा नीत सरकार का समर्थन कर रहे हैं.

गोवा में BJP बनी सबसे बड़ी पार्टी
गोवा में 40 सदस्यीय विधानसभा में 17 सदस्यों के साथ बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बन गयी है. मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा है कि वह गठबंधन के किसी भी सहयोगी को नहीं हटाएंगे.  हाल में हुए उपचुनाव में जीत हासिल करने वाले चार नवनिर्वाचित विधायकों के शपथ लेने के साथ राज्य विधानसभा की सदस्य संख्या 40 हो गई है.नई व्यवस्था में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी है, जबकि 2017 में स्थिति बिल्कुल उलट थी. तब विधानसभा चुनाव में भगवा पार्टी ने 13 और कांग्रेस ने 17 सीट जीती थीं.

क्या है गोवा विधानसभा स्थिति 
गोवा विधानसभा में सत्तारूढ़ बीजेपी के 17 विधायक हैं. इनमें तीन नवनिर्वाचित विधायक और 2017 के चुनाव परिणाम के बाद कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आए विश्वजीत राणे भी शामिल हैं. सदन में कांग्रेस के 15 सदस्य हैं. बीजेपी की सहयोगी गोवा फॉरवर्ड पार्टी (जीएफपी) के विधायकों की संख्या तीन है और गठबंधन की एक अन्य घटक महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी का एक विधायक है. राकांपा का भी एक विधायक है. शेष तीन निर्दलीय विधायक हैं.प्रमोद सावंत सरकार को जीएफपी, एमजीपी और निर्दलीय विधायकों का समर्थन प्राप्त है.