ताइपे । ताइवान की संसद ने समलैंगिक शादी को वैधानिक दर्जा दे दिया है। इस विधेयक के पक्ष में 66 वोट पढ़ें वहीं विरोध में 27 सांसदों ने अपना वोट डाला। समलैंगिक शादी का यह कानून 24 मई से लागू हो जाएगा। उल्लेखनीय है, ताइवान समलैंगिक शादी को वैधानिक दर्जा देने वाला एशिया का पहला देश बन गया है।
ताइवान की संसद में जब मतदान हो रहा था। उस समय संसद के बाहर सड़कों पर हजारों समलैंगिक मौजूद थे। जैसे ही संसद में प्रस्ताव पारित होने की ख़बर लगी, समलैंगिकों ने एक दूसरे के गले लग कर जश्न मनाना शुरू कर दिया।
उल्लेखनीय है, ताइवान के सुप्रीम कोर्ट ने 2017 में निर्णय दिया था, कि समलैंगिकों को शादी की मंजूरी देना या नहीं देना, यह संसद का अधिकार है। अदालत के फैसले के बाद नवंबर 2018 में जनमत संग्रह हुआ। जिसमें 67 फ़ीसदी लोगों ने समलैंगिक शादी की मांग को खारिज किया था। उसके बाद संसद में कानून लाया गया। जहां पर समलैंगिक शादी के पक्ष में प्रस्ताव पारित हुआ। दुनिया में सबसे पहले नीदरलैंड में वर्ष 2000 मैं समलैंगिक शादी को वैधानिक मान्यता दी गई थी तब से अभी तक 28 देशों में समलैंगिक शादी को वैधानिक मान्यता दी जा चुकी है।